Mani Shankar Aiyar: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के ‘हिंदुत्व’ असल में ‘डर में जी रहा हिंदू धर्म’ वाले बयान पर सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही है. अय्यर के बयान पर बीजेपी व अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ-साथ धर्मगुरुओं की भी प्रतिक्रिया आई है. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मणिशंकर अय्यर कोई पहले नेता नहीं हैं. पाकिस्तान का जन्म खुद कांग्रेसी मानसिकता के कारण हुआ. विभाजन के बाद उसे आर्थिक मदद तक दी गई. यह कांग्रेस की प्रकृति रही है. लाखों हिंदुओं के कत्लेआम के बाद भी कांग्रेस ने मदद की. आतंकियों को पाला पोसा और इम्पोर्ट किया. भारत में विभाजनकारी नीतियों को उन्होंने पाकिस्तान को शह देने के साथ साथ प्रोत्साहित किया.
“हिम्मत हो तो इस्लाम धर्म पर बोल करके देखें“
महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कहा कि “देखिए, मणिशंकर अय्यर कांग्रेस के नेता हैं और कांग्रेसियों का मानसिक संतुलन यह दर्शाता है कि इन लोगों को तो हिंदू के विषय में, हिंदू धर्म के विषय में और सनातन के विषय में ज्ञान भी नहीं है. मगर ये केवल बोलना जानते हैं और विपरीत बोलते है. ये करोड़ों सनातनियों की आस्था पर चोट पंहुचाने वाला बयान है, अगर इनकी हिम्मत हो तो इस्लाम धर्म पर बोल करके देखें… इन्होंने एक बयान और दिया है कि भारत को पाकिस्तान से बात करना चाहिए, ऑपरेशन सिंदूर के विषय में बोलते हैं और आज हिंदू धर्म के विषय में बोले हैं, हम सभी साधु-संत इनके बयान से आहत हैं, और इनको हिंदुस्तान से माफ़ी मांगना चाहिए.
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“क्या सुन सकते हैं जिसकी जड़ें ऐसी हों“
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ बातचीत करने संबंधी बयान पर कहा ‘हिंदू महान आध्यात्मिक धर्म, हिंदुत्व राजनीतिक विचारधारा’ वाले बयान पर कहा, मैं उनके बयान की निंदा करता हूं। हिंदू धर्म भारतीयों और भारतीय सभ्यता का है और उनके नेता, जो आज स्वर्गवासी हो गए हैं, 70 सालों से देश की जनता को सोचने में लग गया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू पंडित नहीं थे, वह खुद हिंदू नहीं थे और वह दूसरे धर्मों के अनुयायी थे. हम ऐसे व्यक्ति के मुंह से और क्या सुन सकते हैं जिसकी जड़ें ऐसी हों?
“लड़ाई से कुछ हासिल नहीं होता“
वहीं TMC नेता माजिद मेमन ने कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ बातचीत करने वाले बयान पर कहा कि भारत को जहां तक संभव है पाकिस्तान से बातचीत करके तनाव खत्म करने की आवश्यकता है, ये सबके लिए बेहतर है. ये पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा, हमारे लिए बेहतर होगा और दोनों तरफ की जनता के लिए बेहतर होगा। लड़ाई से कुछ हासिल नहीं होता है.



