Supreme Court on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सुनवाई लगातार जारी है. सुनवाई के दौरान एनिमल वेलफेयर की तरफ से दलील दे रहे एडवोकेट सीयू सिंह ने कहा कि आवारा कुत्तों को हटाने से चूहों की भी आबादी बढ़ जाएगी. इसपर कोर्ट ने मजाकिया लहजे में कहा कि बिल्लियों को चूहों की दुश्मन माना जाता है. फिर चूहों से निपटने के लिए बल्लियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी.
“कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करना भी समाधान नहीं“
सुनवाई के दौरान वकील सी.यू सिंह ने कहा कि कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करना भी समाधान नहीं है. इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है. इस तरह की व्यवस्था से समस्या खत्म होने की बजाय और ज्यादा जटिल हो सकती है.
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“कुत्तों की वजह से लोगों को कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी“
आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर बुधवार को कोर्ट में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई हुई. कोर्ट ने पूछा आखिर कुत्तों की वजह से लोगों को कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी. इस दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि पिछले 20 दिनों में हाईवे पर आवारा कुत्तों की वजह से 2 जजों के भी एक्सीडेंट हुए हैं.
केस पर अब तक 5 बार हो चुकी सुनवाई
बेंच ने सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पतालों, स्कूलों और कोर्ट परिसरों में आवारा कुत्तों की क्या आवश्यकता है, वहां से उन्हें हटाने पर क्या आपत्ति हो सकती है. बता दें कि आवारा कुत्तों से जुड़ा केस बीते साल 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के एक्शन से शुरू हुआ था. दिल्ली में आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली रैबीज बीमारी पर एक मीडिया रिपोर्ट पब्लिश की गई थी. मामले पर अब तक 5 बार सुनवाई हो चुकी है.



