Business : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने रुस से तेल आयात के निर्णय पर गहरा असर किया है। सरकारी तौर पर तो नहीं लेकिन RIL रिलांयस कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी का रुसी तेल खरीदने का इरादा नहीं है जबकि भारत रुस से ही तेल खरीद रहा था। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने तमाम अटकलों पर आखिरकार मुकेश अंबानी की कंपनी ने चुप्पी तोड़ दी है. कंपनी ने साफ कर दिया है कि जनवरी के महीने में उनका रूसी तेल खरीदने का कोई इरादा नहीं है. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े टैरिफ वाले बयानों और 50ः तक पहुंच चुके टैक्स के बोझ ने भारतीय बाजार में खलबली मचा दी है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि रूसी कच्चे तेल से लदे तीन बड़े जहाज जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं. कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों को ष्पूरी तरह से गलत बताया है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन हफ्तों से जामनगर रिफाइनरी में रूस से कोई तेल नहीं आया है और न ही जनवरी में ऐसी कोई योजना है.
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रिलायंस इंडस्ट्रीज़ शेयर प्राइस
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्राइस 1,520.00 रुपए के डे हाई लेवल पर आए.स्टॉक में 1500 रुपए के लेवल से कुछ सपोर्ट की उम्मीद है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की इस सफाई के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो ताजा बयान भी है, जिसमें उन्होंने भारत पर भारी टैरिफ लगाने की बात कही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर पहले ही कुल 50ः तक का टैरिफ लगा दिया है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा केवल इसलिए है क्योंकि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है.
ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि पीएम मोदी उन्हें खुश करने के लिए रूसी तेल की खरीद कम कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर व्यापारिक नीतियां नहीं बदलीं तो वे टैरिफ को बहुत तेजी से और बढ़ा सकते हैं.
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RIL की स्थिति नाज़ुक
रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के लिए यह स्थिति काफी नाजुक है क्योंकि उन्हें अपने एक्सपोर्ट को बचाना है. कंपनी ने नवंबर 2025 में ही अपनी एक्सपोर्ट यूनिट के लिए रूसी तेल का इस्तेमाल बंद करने का फैसला लिया था ताकि जामनगर रिफाइनरी से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कोई संकट न आए. कंपनी अब पूरी तरह से सावधानी बरत रही है ताकि अमेरिकी बाजार में उनके उत्पादों को ब्लैकलिस्ट न किया जाए.



