Viral Video: आंध्र प्रदेश से एक इसानियत की मिशाल पेश करने वाला वीडियो सामने आया है. जहां एक स्कूल की वार्डन ने बीमार छात्र को अस्पताल पहुंचाने के लिए 6 किलोमीटर तक अपनी पीठ पर उठाया और जंगल, पहाड़, ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर पैदल चली. सोशल मीडिया पर यह भावुक कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
విధి పట్ల నిబద్ధతతో, బాధ్యతను మానవత్వంతో నిర్వర్తించిన వార్డెన్ హేమకు హృదయపూర్వక అభినందనలు
మానవత్వం, సేవాభావం, విధి పట్ల నిబద్ధతకు నిలువెత్తు నిదర్శనంగా నిలిచిన పార్వతీపురం మన్యం జిల్లా గుమ్మలక్ష్మీపురం గిరిజన ఆశ్రమ పాఠశాల వార్డెన్ శ్రీమతి హేమ గారికి హృదయపూర్వక అభినందనలు💐💐… pic.twitter.com/wdciA9wVaW
— Dr. Sailaja Rayapati (@SailajaRayapati) July 2, 2026
हेमा ने दुर्गम रास्तों से 6KM का सफर किया
पूरा मामला आंध्र प्रदेश के आदिवासी इलाके का है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक महिला अपनी पीठ पर छात्रा को उठाकर पहाड़ी और जंगल वाले कठिन रास्तों से गुजर रही है. छात्रा को तेज बुखार आया था, आसपास कोई एंबुलेंस और वाहन न मिलने पर स्कूल वार्डन हेमा ने उसे खुद ही अस्पताल ले जाने का फैसला किया. हेमा ने करीब 6 किलोमीटर तक पैदल सफर किया, ताकि छात्रा को समय पर इलाज मिल सके. कहीं रास्ता ऊबड़-खाबड़ था तो कहीं जंगल और पहाड़ लेकिन वार्डन हेमा ने हार नहीं मानी. उन्होंने छात्रा को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया.
महिला आयोग की अध्यक्ष ने वार्डन की तारीफ की
वार्डन हेमा के वीडियो को आंध्र प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. शैलजा रायापति ने शेयर किया है. उन्होंने हेमा की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने साबित कर दिया कि जिम्मेदारी और इंसानियत मिल जाए तो किसी की भी जिंदगी बचाई जा सकती है. इस घटना ने दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क और परिवहन की कमी जैसे गंभीर मुद्दों की ओर लोगों का ध्यान खींचा है. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग हेमा की जमकर तारीफ कर रहे हैं लोग उन्हें रियल हीरो बता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि ऐसे लोगों की वजह से इंसानियत आज भी जिंदा है. दूसरे यूजर ने लिखा कि वार्डन बच्ची के लिए भगवान बनकर आई.
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