Shivalay : सावन का महीना शुरू होने के साथ ही शिव मंदिरों में भक्तों की भीड उमडनी शुरु हो गई है। ऐसे ही जयपुर के प्राचीन शिवालयों में भीड़ लगने लगी है. जयपुर में कई ऐसे शिव मंदिर हैं, जो कई साल पुराने हैं और अपनी अलग-अलग मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं. इन्हीं खास शिवालयों में से एक है जयपुर के चारदीवारी बाजार की छोटी चौपड़ का रोजगारेश्वर महादेव मंदिर. यहां भगवान शिव को रोजगार और बिजनेस पार्टनर के रूप में पूजा जाता है।
जयपुर का खास शिवालय
राजधानी जयपुर का यह एक ऐसा खास शिवालय है, जहां बेरोजगार लोग रोजगार की कामना लेकर पहुंचते हैं और व्यापारी अपने कारोबार की सफलता के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर करीब 286 साल पुराना है और इसका निर्माण जयपुर राज परिवार ने करवाया था।
बेरोजगार लोग मांगते हैं नौकरी की मुराद
प्राचीन समय से ही यह मंदिर रोजगार से जुड़ी मान्यताओं के कारण लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यही वजह है कि आज भी बेरोजगार युवा यहां आकर रोजगार की मुराद मांगते हैं. वहीं, जयपुर के व्यापारी भी अपने प्रतिष्ठान पर जाने से पहले यहां मत्था टेकते हैं. इसके अलावा कोई नया कारोबार या रोजगार शुरू करने से पहले लोग भगवान शिव को अपना भागीदार मानकर पूजा-अर्चना करते हैं. इस मंदिर का प्रभाव इतना है कि रोजगारेश्वर महादेव मंदिर से सत्ताधारी दल तो हमेशा से भय खाते हैं।
रोजगारेश्वर मंदिर को हटाने के कई बार हुए प्रयास
स्थानीय लोगों के अनुसार, जयपुर चारदीवारी क्षेत्र की सड़कों के बीच कई छोटे-बड़े प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जिन्हें सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के दौरान हटाने के प्रयास किए गए. इसी तरह रोजगारेश्वर महादेव मंदिर को भी कई बार हटाने की कोशिश की गई, लेकिन लोगों की आस्था के कारण यह मंदिर आज भी उसी स्थान पर मौजूद है। लोग बताते हैं कि राजशाही के दौर में मिर्जा इस्माइल ने भी मंदिर को हटाने का प्रयास किया था. मान्यता है कि इसके बाद उनके पुत्र गंभीर रूप से बीमार हो गए थे. तब जयपुर के विद्वानों ने उन्हें मंदिर हटाने से मना किया. इसके बाद मिर्जा इस्माइल ने मंदिर को और भव्य रूप दिया और यहां 11 अन्य ज्योतिर्लिंग भी स्थापित करवाए। इसके बाद वर्ष 2015 में भूमिगत मेट्रो निर्माण के दौरान पुराने मंदिर को हटाने का फैसला लिया गया था. हालांकि, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मंदिर का दोबारा निर्माण करवाया गया।
सावन में उमड़ती है भक्तों की भारी भीड़
जयपुर के चारदीवारी में रोजगारेश्वर महादेव मंदिर आकार में छोटा है और छोटी चौपड़ की मुख्य सड़क के बीच स्थित है, लेकिन इसकी वास्तुकला काफी आकर्षक है. सावन के महीने में यहां भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
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