US Air Strike on Iran: मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिका ने ईरान पर करीब एक घंटे तक मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हमला किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम उल्लंघन का जवाब बताया, जबकि ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है. दूसरी ओर, इजराइल-लेबनान समझौते के विरोध में बेरूत की सड़कों पर हिजबुल्लाह समर्थकों का प्रदर्शन तेज हो गया है. ऐसे में पूरे क्षेत्र में हालात फिर से विस्फोटक बनते दिखाई दे रहे हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो जहाज ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
https://t.co/CckXLJSpah pic.twitter.com/NoMQ7cNtN5
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 27, 2026
अमेरिका द्वारा जारी किया गया हमले का वीडियो सोर्स- @CENTCOM
ईरान का पलटवार और सख्त चेतावनी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत और युद्धविराम दोनों का उल्लंघन किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह हमला अमेरिका के लिए भविष्य में पछतावे की वजह बनेगा और ईरान इसका उचित जवाब देगा.
जेडी वेंस का संदेश और CENTCOM का वीडियो
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत से होना चाहिए, लेकिन यदि हिंसा जारी रहती है तो अमेरिका भी उसी भाषा में जवाब देगा. उन्होंने ईरान से समझौते के क्रियान्वयन को लेकर बातचीत करने की अपील की. इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले का एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो भी जारी किया, जिसमें विस्फोट और धुएं के गुबार दिखाई देते हैं, हालांकि किसी लक्ष्य की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी.
लेबनान में प्रदर्शन, हिजबुल्लाह की नई चेतावनी
उधर, इजराइल-लेबनान समझौते के विरोध में हिजबुल्लाह समर्थकों ने बेरूत में मोटरसाइकिल रैली निकालकर प्रदर्शन किया. कई जगह टायर जलाकर सड़कें जाम की गईं, जिसके बाद लेबनानी सेना ने राजधानी में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी. वहीं हिजबुल्लाह प्रमुख कासिम नईम ने इजराइल से लेबनान की जमीन पूरी तरह खाली करने की मांग की है. इस बीच दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों और लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है.
यह भी पढ़ें: होर्मुज में फिर ड्रोन अटैक, UN ने रोका रेस्क्यू, समंदर के बीच फंसे 11 हजार नाविक



