PM Modi Gujarat Visit: गुजरात के गांधीनगर में आज(31मार्च) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित ‘भारत विरासत महोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया. इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने कहा कि आज महावीर जयंती के पावन पर्व पर मुझे इस पवित्र जैन तीर्थ आने का सौभाग्य मिला है. मैं कोबा तीर्थ से सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं देता हूं. मुझे खुशी है कि हजारों वर्ष की भारतीय विरासत, जैन धर्म का समयातीत ज्ञान, हमारी धरोहरें और उनसे मिलने वाली प्रेरणाएं, उन्हें आने वाली सदियों तक अमर बनाने के लिए, उन्हें नए और आधुनिक रूप में अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हमारे संतों ने इस जैन हेरिटेज म्यूजियम की संकल्पना की. आज यह संकल्पना एक भव्य रूप में साकार हो रही है. यह सम्राट संप्रति संग्रहालय, जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र बना है. मैं इस अद्वितीय प्रयास के लिए हमारे सभी जैन संतों का अभिनंदन करता हूं.
“जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के कोने-कोने में पहुंचाएं”
PM मोदी ने कहा कि जहां एक ओर कुछ शासकों ने हिंसा को हथियार बनाकर शासन किया, वहीं सम्राट संप्रति ने सिंहासन पर बैठकर अहिंसा का विस्तार किया. उन्होंने सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया. इतने निस्वार्थ भाव से शासन को सेवा का माध्यम मानकर जीवन जीना, यह सीख हमें भारत के अतीत से ही मिलती है. आज पहली बार आजादी की लड़ाई के इतिहास को भी समग्र रूप में सामने लाने के लिए सार्थक कार्य हुए हैं. हम सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ चल रहे हैं और यही मंत्र विकसित भारत के विजन की आत्मा है.
आज दुनिया में जिस तरह के हालात हैं. जिस तरह विश्व अस्थिरता और अशांति की आग में झुलस रहा है, इस म्यूजियम की विरासत, इसका संदेश केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए बहुत अहम है. जो लोग यहां पर आएं, वे भारत की जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के कोने-कोने में पहुंचाएं. भारत में ज्ञान हमेशा से एक मुक्त प्रवाह रहा है.
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“दुनिया का सबसे बड़ा मैरिटाइम म्यूज़ियम बनने जा रहा है”
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हर बार आपके सामने वह 9 संकल्प ज़रूर दोहराता हूं. आज का यह अवसर उन्हें फिर से दोहराने का भी है. पहला संकल्प पानी बचाना, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश दर्शन, नेचुरल फार्मिंग अपनाना. हर स्तर पर इस दिशा में काम हो रहा है. यहां गुजरात में ही लोथल में विशाल मैरीटाइम म्यूजियम बन रहा है. यह दुनिया का सबसे बड़ा मैरिटाइम म्यूज़ियम बनने जा रहा है.
“युद्धकाल में शांति का संदेश देने वाले”
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज ने कहा कि युद्धकाल में शांति का संदेश देने वाले, लोगों को समझाने में मदद करने वाले. एक समय था जब हम पूरी दुनिया में झांकते थे, देखते थे. आज इनके राज में समय इतना बदल गया है कि पूरी दुनिया हमें देखती है. हमारे विचारों को जानने का प्रयास करती है. हम कहां थे और कहां से कहां आए इसका श्रेय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देता हूं.



