Iran : हर परिस्थिति में ईरान अपने को युद्व में झोंके हुए है और अमेरिकी और इजराइली हमलों पर बराबर जवाब दे रहा है। उधर युद्व रुकवाने के लिए ईरान के साथ कुछ देश संपर्क भी बनाए हुए है जिनमें पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की शामिल हैं। ईरान ने कहा है कि उसे बातचीत से इनकार नहीं है लेकिन स्थाई समाधान निकलना जरुरी है। ईरान पर लगातार हमलों के जवाब में एक सुरक्षा अधिकारी ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा, “हमारे पास अमेरिका और इजराइल के लिए बड़ा सरप्राइज है, बस थोड़ा इंतजार करना होगा।” ईरान मीडिया के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के निशानों को गलत बताया और पुलों पर हमले की ट्रम्प की धमकी को मजाकिया कहा। उन्होंने कहा कि यह धमकियां अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की नाकामी को दिखाती है। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अगर हमले बढ़ाए गए, तो अमेरिका का हाल नर्क से भी बुरा हो सकता है। आर्मी हेडक्वार्टर खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फागारी ने कहा, “ईरान को हराने का सपना अब एक दलदल बन चुका है, जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसते जा रहे हैं।”
ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया
ईरान ने ट्रम्प के 48 घंटे में होर्मुज खोलने के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है। ईरानी सेना ने कहा है कि अमेरिका बेबस और घबराकर धमकियां दे रहा है। ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज खोलने या समझौता करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि समय खत्म हो रहा है और ऐसा नहीं होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाएगा।
एयरमैन दो दिनों तक ईरानी अधिकारियों से छुप कर रहा
उधर अमेरिका के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू किया गया अमेरिकी एयरमैन अब ईरान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और वह खतरे से बाहर है। रिपोर्ट के अनुसार, यह एयरमैन दो दिनों तक ईरानी अधिकारियों से बचते हुए छिपा रहा था, इसके बाद अमेरिकी सेना ने उसे खोजकर बचाया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-सी अमेरिकी यूनिट शामिल थी, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें स्पेशल ऑपरेशन फोर्स शामिल थीं। बताया गया कि यह ऑपरेशन रात के अंधेरे में शुरू हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारियों को उस एयरमैन की संभावित लोकेशन का अंदाजा था, जिससे ऑपरेशन और भी जोखिम भरा हो गया। इसके बावजूद अमेरिकी सैनिकों ने सफलतापूर्वक उसे बचाया और देश से बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब वह एयरमैन पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी तरह के खतरे में नहीं है।
बातचीत से इनकार नहीं, लेकिन स्थायी समाधान जरूरी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान ने कभी भी इस्लामाबाद जाकर शांति वार्ता से इनकार नहीं किया, लेकिन किसी भी बातचीत का नतीजा पक्का और स्थायी समाधान होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध गैरकानूनी है और बातचीत तभी होगी जब इससे पूरी तरह और स्थायी रूप से संघर्ष खत्म हो। इससे पहले ईरान ने उन खबरों को खारिज किया था, जिनमें कहा गया था कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली बातचीत में शामिल हो रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने भी इन दावों को सिरे से नकार दिया कि उसकी शांति पहल रुक गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन खबरों को बेबुनियाद और कल्पना बताया।



