Iran : रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस (RGI) प्रमुख मेजर जनरल सैयद मजीद खदेमी की मौत हो गई है। ईरान ने बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि कर दी है। ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश को अस्थिर करने की साजिश बताया है। मीडिया रिपोर्ट में ईरान ने खदेमी की मौत को बड़ा नुकसान बताया है और कहा है कि उनकी विरासत देश की सुरक्षा नीतियों को आगे भी दिशा देती रहेगी। उनके अंतिम संस्कार को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की धमकी दी
ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम दिया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे पहले ईरान के करीबी माने जाने वाले यमन के हूती विद्रोही रेड सी में जहाजों पर हमले की बात कह चुके हैं।
अस्थायी सीजफायर के बदले होर्मुज खोलने से इनकार
दूसरी ओर ईरान की ओर से कहा गया है कि वह अस्थायी सीजफायर के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार नहीं है। रॉयटर्स से बातचीत में एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है, लेकिन दबाव में फैसला नहीं लिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, तेहरान ‘टेम्पररी सीजफायर’ के बदले कोई रियायत नहीं देगा और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को लगता है कि अमेरिका स्थायी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है, इसलिए अस्थायी डील का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान की ओर से तत्काल सीजफायर का प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : भारतीय झंडे वाले ग्रीन आशा जहाज ने पार किया होर्मुज, 20 हजार टन LPG लेकर आ रहा भारत
भारत समेत दोस्त देशों के लिए होर्मुज सुरक्षित
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि हाल के दिनों में कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं, जो ईरान की प्रतिबद्धता को दिखाता है। साथ ही, ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं, बल्कि ईरान और ओमान के नियंत्रण वाले क्षेत्र में आता है। ईरान ने कहा है कि भारत समेत दोस्त देशों के जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गई है। हालांकि, यह रास्ता उन देशों के लिए बंद है जो उसके खिलाफ युद्ध में शामिल हैं।
यह भी देखें : जयपुर में सब्जी मंडियों की कमी! आम जनता ठेले और फुटपाथ पर क्यों मजबूर? | KBP Times



