KBP Times

ईरान का PAK में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार, जम्मू-कश्मीर के विधायकों ने कहा- बातचीत में कुछ बचा नहीं…

Iran America War

Iran America War:अमेरिका और ईरान के बीच जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगता है. दरअसल, ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत करने से इनकार कर दिया है. ईरान का मानना है कि वॉशिंगटन की मांगें मंजूर करने के लायक नहीं हैं. जिसके बाद अब युद्ध विराम कराने के क्षेत्रीय मध्यस्थता के प्रयास अब ठंडे पड़ गए हैं. जम्मू-कश्मीर से पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतज़िर की ईरान के पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों से न मिलने पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि बातचीत में अब कुछ बचा नहीं. अमेरिका ने जो दहशतगर्दी का प्रदर्शन किया, 28 फरवरी को, तो अब कुछ डायलॉग बचा नहीं. डायलॉग तो हो रहा था, 26 और 27 फरवरी को ईरान के विदेश मंत्री और अमेरिका की टीम जेनेवा में थे, मगर उसके बावजूद जो यूएस और इजरायल ने दहशतगर्दी का मुजाहिरा किया, मुझे लगता है कि डायलॉग का स्कोप, अब डिप्लोमेसी का स्कोप काफी कम है. ईरान अब उसी भाषा में अमेरिका को जवाब दे रहे हैं, जो वो समझता है.

“ईरान कोई गैर-कानूनी काम नहीं कर रहा”
पीडीपी विधायक ने आगे कहा कि ईरान ने अपने प्रोटेक्शन के लिए कार्रवाई कर रहे हैं और ये सारा यूनाइटेड नेशंस का चार्टर 51 उनको इजाजत दे रहा है. तो मेरे ख्याल से ईरान कोई गैर-कानूनी काम नहीं कर रहे हैं. अपनी टेरिटोरियल इंटीग्रिटी और सॉवरेनिटी को बचाने के लिए ईरान को जो भी कदम उठाने पड़ेंगे, वो उठाएगा. ये उसका अधिकार है इंटरनेशनल लॉ के अंदर. उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी और डायलॉग का स्कोप यूएस ने खुद सिकुड़ दिया है. आप देखिए, एक तरफ से यूएस बातचीत की बात करता है और दूसरी तरफ से दहशतगर्दी की कार्रवाई भी जारी रखे हुए है. डायलॉग और डिप्लोमेसी के रास्ता में अब कुछ ज्यादा बचा नहीं है. ईरान को चाहिए कि जिस भाषा में अमेरिका समझता है, वही भाषा इस्तेमाल करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: अमेरिका के 2 फाइटर जेट और 2 चॉपर क्रैश, एक पायलट लापता, ईरान ने रखा ₹55 का लाख इनाम

“सुप्रीम लीडर को निशाना क्यों बनाया गया”
नेशनल कांफ्रेंस विधायक तनवीर सादिक ने ईरान के पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों से न मिलने पर कहा कि अब यह ईरान पर निर्भर करता है कि वह क्या फैसला लेता है, क्योंकि यह जंग ईरान ने शुरू नहीं की, बल्कि कहीं और से इसकी शुरुआत हुई. अगर ईरान अपनी बात रखता है, तो वह यह सवाल उठाता है कि उस पर हमला क्यों किया गया और उसके सुप्रीम लीडर को निशाना क्यों बनाया गया. यह एक गंभीर और वास्तविक मुद्दा है. मुझे लगता है कि यह अब सिर्फ इजरायल और ईरान तक सीमित मामला नहीं रह गया है. पूरी दुनिया को एक मंच पर आकर यह तय करना चाहिए कि किसी भी देश पर हमला करना गलत है. किसी को भी यह अधिकार नहीं होना चाहिए कि वह दूसरे देश पर हमला करे. इस तरह की घटनाओं को सामूहिक रूप से रोकने की जरूरत है.

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Protein in fruits

प्रोटीन की जरुरत को पूरा करते हैं ये फल, खाएं लेकिन यह भी रखें ध्यान

CJP Protest

सरकार बुलाती रही CJP बातचीत के लिए नहीं गई कहा-सरकार जनता के दरबार में आए

Gums and bad breath

मानसून में मुंह की सफाई का रखें ध्यान, ब्रश करें ताकि बदबू से बचें

Oil Price Hike

रेड सी में तेल टैंकरों पर हमले के बाद उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट 95 डॉलर के पार

Raja Raghuvanshi Murder Case

राजा रघुवंशी मर्डर केस: SC ने रद्द की सोनम की जमानत, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

NEET and Coaching

छात्र-अभिभावकों की चिंता; NEET की तैयारी, मंहगी Coaching फीस और पेपर लीक

Naresh Meena

नरेश मीणा की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने दिए गिरफ्तारी के आदेश, संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा

Salman Khan post

सलमान खान की पोस्ट-छात्र आंदोलन शिक्षा का मुद्दा इसे राजनीतिक रंग नहीं दें, आलिया बोली-अपने लिए नहीं लड़ रहे

Parliament Monsoon Session

संसद के बाहर सियासी संग्राम, विपक्षी दल-NDA आमने-सामने, जमकर हुई नारेबाजी

2

2