Commercial LPG Price Hike:मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलेंडर पर की गई. हालांकि घरेलू सिलेंडरों के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं. कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा है. शिवसेना(UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वाणिज्यिक सिलेंडर के दाम में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होना, इसका भार जनता को ही भुगतना पड़ेगा. इससे महंगाई बढ़ेगी, ये दुर्भाग्यपूर्ण है. जब तेल कम कीमतों पर खरीदा जा रहा था तो इसका फायदा जनता को नहीं मिल रहा था जैसे ही दाम बढ़े आपने कीमत बढ़ा दिया. इससे छोटे व्यापार करने वाले लोगों पर बहुत असर पड़ेगा. जैसे ही चुनाव खत्म होंगे एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी जाएगी, ये सरकार जनता के लिए नहीं बनी है अपने फायदे के लिए बनी है.
“कमर्शियल दाम पूरे समाज को प्रभावित करते हैं”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कमर्शियल LPG की कीमतों में बढ़ोतरी पर कहा कि घरेलू दाम तो केवल एक घर को प्रभावित करते हैं लेकिन ये कमर्शियल दाम पूरे समाज को प्रभावित करते हैं. दिहाड़ी कमाने वाला व्यक्ति, रोज कमाने खाने वाला व्यक्ति इससे प्रभावित होता है. ठेले लगाने वालों ने भी दाम बढ़ा दिए हैं. अभी इस वर्ष में तीन ही महीने बीते हैं 9 महीने बाकी है. ये मोदी सरकार कितना लूटेगी? कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि ये बहुत बड़ी बढ़ोतरी की गई है. इससे सारे छात्रों पर फर्क पड़ेगा. छोटे उद्योगों पर फर्क पड़ेगा. हर सामान महंगा हो जाएगा और जनता को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ेगा.
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“बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है”
कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ेतरी से पहले घरेलू सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी हुई थी. हमारे नेता राहुल गांधी पहले दिन से कह रहे हैं कि बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है. हमारे घरों तक ये प्रभाव जाता है. इसके लिए सरकार को कुछ करना चाहिए.
“ताकि गरीबों का खाना तो चलता रहे”
शिवसेना(UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि कमर्शियल का अर्थ केवल व्यापार से जुड़ा नहीं है. इस पर कई वर्ग के लोग निर्भर रहते हैं. मजदूरी करने वाला, उद्योग करने वाला और अन्य लोग जो बाहर खाना खाते हैं. 365 दिन जिनके पास कोई नहीं है, उनकी क्या हालत होगी? ये जो समस्याएं आ रही हैं, हम समझते हैं लेकिन हम सरकार से इतना ही कहना चाहते हैं कि आप इस समय कोई राहत दे दें ताकि गरीबों का खाना तो चलता रहे. हमारी बस यही विनती है.



