AAP : आम आदमी पार्टी ने E-20 फ्यूल के मुद्दे पर अपना अभियान तेज कर दिया है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 फ्यूल के बहाने केन्द्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। केजरीवाल ने शनिवार को ‘नेशनल टाउन हॉल’ किया। केजरीवाल ने अपनी याचिका सौंपने के लिए 4 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की घोषणा की. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा कि वो मंगलवार दोपहर याचिकाएं इकट्ठा करेंगे और लगभग 100 लोगों के साथ लोक कल्याण मार्ग स्थित नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च का नेतृत्व करेंगे.
पेट्रोल पंप पर जनता के पास विकल्प हो
शनिवार को प्रेस काॅंफ्रेंस में आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के पास चुनाव करने का विकल्प होना चाहिए, जो लोग E-20 ईंधन चाहते हैं, वे E-20 खरीद सकें, और जो लोग शुद्ध पेट्रोल पसंद करते हैं, उनके पास शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प हो। केजरीवाल ने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर क्यूं E-20 तेल थोप रही है।
शुद्व तेल से कम कीमत में मिले
आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि E-20 ईंधन की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण, पेट्रोल की खुदरा कीमत 84 रुपए प्रति लीटर से कम होनी चाहिए। केजरीवाल ने टाउनहॉल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर इथेनॉल किसी भी नजरिए से फायदेमंद नहीं है, तो इसे बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है? सरकार नागरिकों पर इसे क्यों थोप रही है?
केजरीवाल बोले-इथेनॉल पेट्रोल से महंगा
केजरीवाल ने कहा इथेनॉल की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। यह पेट्रोल से ज्यादा महंगा है, कम माइलेज देता है, किसानों को कोई फायदा नहीं पहुंचाता और विदेशी मुद्रा की बचत भी नहीं करता। इसके अलावा, इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आस-पास के इलाकों में जमीन के नीचे का पानी प्रदूषित हो जाता है। तो फिर केंद्र सरकार गुमराह करने वाले आंकड़े पेश करके और लोगों की इच्छा के खिलाफ पूरे देश में इथेनॉल को क्यों बढ़ावा दे रही है? मोदी सरकार की क्या मजबूरी या छिपा हुआ एजेंडा है? मामले की जांच करने पर पता चलता है कि यह सब अमेरिका के दबाव में किया जा रहा है।
आप ने ऑनलाइन याचिका शुरू की
इससे पहले आप ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार के कार्यक्रम के बाद, वह प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपने का कार्यक्रम है।
भारत में क्यों हो रहा है ई 20 पेट्रोल का विरोध?
भारत में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के इस मिश्रण का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं।
केजरीवाल बोले- 30 करोड़ गाड़ियों को श्कबाड़श् बना रही सरकार
पत्रकारवार्ता में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने खौफ दिखाकर टाउन हॉल रोकने की नाकाम कोशिश की है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने29 जुलाई को कहा कि मोदी सरकार पर जनता पर जबरन E-20 पेट्रोल थोपने और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है।
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