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महाभारत काल की वो 6 महिलाएं जो थीं अद्भुत शक्तियों की स्वामिनी, शूरवीर भी कांपते थे उनसे!

Mahabharat Facts

Mahabharat Facts: महाभारत काल के कई वीर पुरुषों की कहानियां आपने देखीं या पढ़ी होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं महाभारत काल में कुछ ऐसी शक्तिशाली और वीर महिलाएं भी थीं. जिनकी अद्भूत शक्तियां इतिहास के पन्नों में कहीं दर्ज है लेकिन कहीं दबी रह गई हैं. आज आपको उनको महिलाओं के बारे में बताते हैं.

कुंती को दुर्वासा ऋषि से एक चमत्कारी मंत्र मिला था, जिसकी वजह से वो किसी भी देवता का आह्रान कर सकती थी. उनके मंत्र के प्रभाव से ही कर्ण का जन्म हुआ. कुंती को एक तपस्वी और अत्यंत बुद्धिमान महिला के तौर पर भी जाना जाता है. पति के निधन के बाद उन्होंने अपने बेटों का पालन-पोषण किया और योग्य शिक्षा दिलाई. पांडवों को उनका अधिकार दिलाने में उनकी अहम भूमिका थी.

गांधारी भगवान शिव की महान भक्त थीं उनको 100 बेटों का वरदान मिला था. गांधार देश के राजा की बेटी होने की वजह से उनका नाम गांधारी पड़ा था. उनकी आंखों में अद्भुत शक्ति थी. अपने तप और शक्ति से उन्होंने दुर्योधन के शरीर को वज्र के समान मजबूत बना दिया था. श्रीकृष्ण की रणनीति की वजह से उनकी जांघ कमजोर रह गई थी. गांधारी ने पांडवों को माफ कर दिया था, लेकिन श्रीकृष्ण ने पूरे वंश के नाश का श्राप दिया था.

सत्यवती राजा शांतनु की पत्नी थी. मछली के गर्भ से उनका जन्म हुआ था. जिसकी वजह से उन्हें मत्स्यगंधा कहा जाने लगा. जिसके बाद उन्हें ऋषि पराशर से वरदान मिला और उनके शरीर से सुगंध आने लगी फिर उनका नाम सत्यवती पड़ गया. सत्यवती राजनीति और कूटनीति में निपुण थीं. उनकी वजह से ही भीष्म ने आजीवन ब्रह्राचर्य का व्रत किया था.

भानुमति कंबोज के राजा की बेटी थी. वो बेहद सुंदर और बलशाली थी. उनके स्वयंवर में कई राजा आए थे. लेकिन दुर्योधन ने उनसे बलपूर्वक विवाद किया. बताया जाता है कि भानुमति कुश्ती में इतनी निपुण थीं वो कई बार दुर्योधन को हरा भी देती थी.

उलूपी नागराज वासुकी की दत्तक बेटी थी, अर्जुन जब अपने अभियान पर थे तब उनकी मुलाकात उलूपी के साथ हुई. उलूपी अर्जुन को पाताल लोक ले गई और उनसे विवाह किया था. उन्होंने ही अर्जुन को जल में अजेय होने का वरदान दिया था.

हिडिंबा एक भयानक राक्षस हिडिंब की बहन थी उनको मायावी शक्तियों की स्वामिनी माना जाता था. वो एक साथ कई लोगों को आकाश में उठा सकती थी, यहीं नहीं रूप बदलने में भी हिडिंबा माहिर थी. महाभारत के मुताबिक, लाक्षागृह से बचने के लिए जब पांडव जंगल में रुके थे तब राक्षस हिडिंब ने हिडिंबा को उन्हें मारने के लिए भेजा था. लेकिन वो भीम को देखकर मोहित हो गई और सुंदर महिला का रूप धारण कर लिया. बाद में हिडिंब और भीम के बीच युद्ध हुआ और हिडिंब मारा गया. इसके बाद भीम ने हिडिंबा कर लिया था. हिडिंबा के पास ऐसी शक्ति थी कि वो गर्भ धारण करते ही संतान को जन्म दे सकती थी. इसी से घटोत्कच का जन्म हुआ था.

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