UAPA Terrorists: आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं. सरकार का कहना है कि ये सभी भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनमें से अधिकांश पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे हुए हैं. इस फैसले को आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का अहम कदम माना जा रहा है.
गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा-35 के तहत आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इन व्यक्तियों के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है.
नगरोटा और सुंजवां हमलों से जुड़े नाम भी सूची में
सूची में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं. इन पर वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर के नगरोटा स्थित भारतीय सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले और 2022 में जम्मू के सुंजवां इलाके में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़े होने के आरोप हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, ये आतंकी लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं. अधिसूचना में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद के नाम भी शामिल हैं. गृह मंत्रालय के मुताबिक, दोनों आतंकी सरगना हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है.
बेंगलुरु का युवक पाकिस्तान में सक्रिय
सूची में सबसे चर्चित नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का है. अधिसूचना के अनुसार, उसका स्थायी पता बेंगलुरु (कर्नाटक) का है, जबकि वर्तमान में वह पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है. सरकार का आरोप है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल के संपर्क में रहा है. उस पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती करने, हथियारों की ट्रेनिंग दिलाने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के गंभीर आरोप हैं.
कार्रवाई होगी और प्रभावी
गृह मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि UAPA की चौथी अनुसूची में नाम शामिल होने के बाद इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जांच, संपत्ति जब्त करने और वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकेगी. अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश राठी द्वारा जारी की गई है.
यह भी पढ़ें: गुजरात ATS ने जैश के 8 आतंकी पकड़े, मुर्गी फार्म की आड़ में ISI का काम कर रहा था रफीक



