Rahul Gandhi: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर पलटवार किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी को राजनीति से जुड़ी बातों को भूल जाने की पुरानी बीमारी है. उन्होंने फिर वही किया है तथ्यों के बजाय प्रोपेगैंडा को चुना और सच के बजाय नाटकबाज़ी को! वही COEMPT EDUTECK PVT.LTD जिसे राहुल गांधी आज ‘विवादास्पद’ बता रहे हैं, उसे ही तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस सरकारों के अधीन काम करने वाली संस्थाओं ने बार-बार प्रोजेक्ट दिए थे. ये रहे वो तथ्य जिन्हें राहुल गांधी ने सुविधाजनक रूप से भूल गए हैं.
• बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी, कर्नाटक-नवंबर 2025 में समझौता (Agreement) साइन हुआ
• कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, तेलंगाना– सितंबर 2024 में समझौता साइन हुआ
• आदिकवि श्री महर्षि वाल्मीकि यूनिवर्सिटी, रायचूर- मार्च 2024 में समझौता साइन हुआ
• कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़- 08.06.2023 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया
• तेलंगाना स्टेट हेल्थ यूनिवर्सिटी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कंपनी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है.
Rahul Gandhi suffers from chronic political amnesia. He has done it again…chosen propaganda over facts, theatrics over truth!
The same COEMPT EDUTECK PVT. LTD. that Rahul Gandhi is today calling “controversial” was repeatedly awarded projects by institutions functioning under… https://t.co/BlGAmHvqsK
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) May 28, 2026
“कांग्रेस साजिश के सिद्धांतों की ओर भाग जाती है”
पीयूष गोयल ने आगे लिखा कि तो राहुल गांधी देश को सीधे जवाब दें. अगर यह कंपनी “दागदार” है, तो क्या वे कांग्रेस के तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर मिलीभगत का आरोप लगाएंगे? क्या वे उनके इस्तीफे की मांग करेंगे?
क्या कांग्रेस सरकारों ने ये समझौते बिना जांचे-परखे (ब्लाइंडफोल्ड होकर) किए थे, या फिर उनकी यह नाराज़गी हमेशा की तरह चुनिंदा, स्क्रिप्टेड और केवल मोदी सरकार के खिलाफ सुर्खियां बटोरने के लिए है? यह पैटर्न परिचित है- बिना सबूत के बड़े आरोप, बिना जवाबदेही के बयान, और जैसे ही तथ्य सामने आते हैं, कांग्रेस साजिश के सिद्धांतों की ओर भाग जाती है. भारत अब इस तरह की चुनिंदा नाराज़गी से थक चुका है.
“छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है”
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा था कि धर्मेंद्र प्रधान, आप मुझ पर जितना चाहें हमला कर लें, लेकिन इससे आपके अपराध खत्म नहीं हो जाते और न ही यह 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से मुझे रोक पाएगा. CBSE OSM का कॉन्ट्रैक्ट COEMPT को क्यों दिया गया. जो कंपनी पहले अपने पुराने नाम Globarena के तहत पहले से ही विवादों में घिरी हुई थी? यह किसके आदेश पर किया गया? इसका बैकग्राउंड चेक क्यों नहीं किया गया? COEMPT के मैनेजमेंट और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध है? या तो आपने बैकग्राउंड चेक करके भी यह फैसला लिया-या फिर आपने कोई बैकग्राउंड चेक किया ही नहीं. दोनों ही स्थिति में आप जिम्मेदार हैं. जहां तक जवाबदेही की बात है. अगर प्रधानमंत्री को सच में परवाह होती, तो वे बहुत पहले ही आपको हटा देते, क्योंकि आपने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.



