UPSC Success Story: असफलता से डरने वालों के लिए जतिन जाखड़ की कहानी एक बड़ी प्रेरणा है। सिक्योरिटी गार्ड के बेटे जतिन ने चार बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में असफल होने के बाद पांचवें प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल कर कर दिखाया कि मेहनत और हौसला कभी नहीं हारता।
गरीबी और संघर्ष से भरा बचपन
जतिन जाखड़ हरियाणा के झज्जर जिले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता सेना से रिटायर होने के बाद सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगे। घर की आर्थिक स्थिति इतनी तंग थी कि महंगी कोचिंग का खर्च उठाना नामुमकिन था। लेकिन जतिन ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने तय कर लिया कि वह अपने सपने को अपनी मेहनत और लगन से पूरा करेंगे।पिता की रात-दिन की मेहनत और थकान भरी ड्यूटी देखकर जतिन को हमेशा प्रेरणा मिलती थी। उन्होंने पिता से वादा किया था कि एक दिन वह उनके संघर्ष का फल जरूर दिखाएंगे।
बिना कोचिंग, खुद के दम पर तैयारी
जतिन ने यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी बिना किसी महंगी कोचिंग के घर पर ही की। किताबें, नोट्स और ऑनलाइन संसाधनों के सहारे उन्होंने लगातार मेहनत की। समय का सही प्रबंधन किया और अपनी कमजोरियों पर काम करते रहे।चार बार परीक्षा में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हर असफलता के बाद अपनी गलतियों को समझा, रणनीति बदली और और ज्यादा मेहनत की।
पांचवें प्रयास में मिली बड़ी सफलता
साल 2024 में पांचवें प्रयास में जतिन जाखड़ ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल की और पूरे परिवार व जिले का नाम रोशन कर दिया।
संदेश युवाओं के लिए
जतिन की कहानी साबित करती है कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने के बीच सिर्फ लगातार मेहनत और सही दिशा की जरूरत होती है। पिता की मेहनत, परिवार का विश्वास और अपनी अटूट इच्छाशक्ति ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।जतिन जाखड़ की यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो आर्थिक तंगी, असफलता और संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।



