Mahaveer jayanti: समूचे देश में आज जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर, भगवान महावीर की जयंती मनाई जा रही है। आज के दिन भगवान महावीर की विशेष प्रार्थना की जाती है और रथयात्रा निकाली जाती है। जैन समाज के लोगों ने सुबह प्रभात फेरी निकाली। कई शहरों में कल सोमवार को शोभायात्राएं निकाली गईं तो कई शहरों में आज निकाली जा रही हैं।
राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज महावीर जयंती के अवसर पर समस्त देशवासियों और विशेषतौर पर जैन समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। श्रीमती मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर के पांच सिद्धांत-अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह-जीवन में सत्य पथ चलने के लिए प्रेरित करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन सिद्धांतों को अपनाकर नागरिक अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भगवान महावीर ने समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध आवाज उठाई और बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त किया और उनकी शिक्षाएं सदा प्रासंगिक रहेंगी।
महावीर जयंति पर्व
भगवान महावीर का जन्म चौत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर हुआ था। ऐसे में जैन धर्म के लोग इस तिथि को महावीर जयंती के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि महावीर देवता जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उन्होंने हमेशा समाज को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। जैन धर्म के लोग महावीर जयंती का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन विशेष रूप से प्रभात फेरी, शोभ यात्रा और अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं की महावीर जयंती कब मनाई जाएगी और महावीर स्वामी के कुछ अनमोल वचन।
महावीर जयंती इस बार दो दिन क्यों ?
भगवान महावीर का जन्म चौत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर हुआ था, जिसकी शुरुआत इस बार 30 मार्च, सोमवार को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर होगी। वहीं, अगले दिन यानी 31 मार्च, मंगलवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 31 मार्च को महावीर जयंती का त्योहार मनाया जाएगा।



