Middle East war:अमेरिका-इजरायल ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं जिनके जरिए माना जा रहा है कि जंग जल्दी ही खत्म हो सकती है. हालांकि, ट्रंप ने साफ तौर पर क्लीयर नहीं किया है. वे कई अमेरिकी लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह संघर्ष लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में तब्दील नहीं होगा.
- कब-कब ट्रंप ने जंग खत्म होने के दिए संकेत?
ट्रंप ने 2 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान युद्ध को लेकर सफलता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हम आसानी से जीत हासिल करेंगे. चाहे कुछ भी करना पड़े.
इसके बाद जंग शुरू होने के बाद 2 मार्च को एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि यह अभियान एक पूर्व सफलता थी.
रिपबल्किन इश्यूज कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने 9 मार्च को संकेत दिए कि अमेरिका पहले ही जंग जीत चुका है. हम कई मायनों में पहले ही जीत चुके हैं, लेकिन हमने पूरी जीत हासिल की है.
11 मार्च को ही ट्रंप ने कहा कि आप कभी ये कहना पसंद नहीं करते कि आप बहुत जल्दी जीत गए. हम जीत गए.
11 मार्च को ही AXIOS से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा ईरान युद्ध जल्द खत्म होगा. क्योंकि लक्ष्य करने के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ नहीं बचा.
12 मार्च को ट्रंप ने कहा ईरान हार के कगार पर है. इसका मतलब ये नहीं कि हम इसे तुरन्त खत्म करेंगे.
13 मार्च को एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि जंग तब खत्म होगा, जब उनको अंदर से महसूस होगा. मुझे नहीं लगता इसको खत्म होने में ज्यादा समय लगेगा.
23 मार्च को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर ईरान से युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत दिए. उन्होंने लिखा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है.
30 मार्च को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर लिखा कि ईरान की तर्कसंगत सरकार के साथ उनकी बातचीत जारी है. इसके साथ ही धमकी दी कि अगर जंग खत्म होने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान के बिजली संयंत्र और सैन्य ठिकानों पर हमला करेंगे.
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वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब और यूएई के नेतृत्व में अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों के ट्रंप के ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, खाड़ी देशों का तर्क कि एक महीने के हवाई हमलों के बावजूद तेहरान का धार्मिक शासन अभी पूरी तरह से पंगु नहीं हुआ है. यूएई, कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन ने निजी बातचीत में कहा कि वे तब तक सैन्य ऑपरेशन नहीं रोकना चाहते जब तक ईरान नेतृत्व में बड़ा बदलाव न हो जाए.



