Ji lay jara : स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आज़ादी का जश्न मनाने का दिन ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से कुछ समय निकालकर खुद से जुड़ने और अपने लिए जीने का अवसर भी हो सकता है। इसी सोच के साथ दिल्ली के छतरपुर में 15 और 16 अगस्त 2026 को दो दिवसीय कार्यक्रम ‘जी ले जरा’ आयोजित किया जाएगा। ‘नैया’ (Naiya) द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम क्रिएटिविटी, Art, Mindfulness, and Emotional Well-being पर केंद्रित एक विशेष अनुभव होगा। इसका उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ समय निकालकर कला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी भावनाओं को समझने और खुद से जुड़ने का अवसर देना है।
चार महिलाओं ने मिलकर की ‘नैया’ की शुरुआत
‘नैया’ की शुरुआत चार महिलाओं ने मिलकर की है। इनमें दिल्ली से मानसी, छतरपुर से मनी, गोवा से यासमीन और जयपुर से शिवानी शामिल हैं। चारों ‘नैया’ की फाउंडर होने के साथ-साथ ‘जी ले जरा’ कार्यक्रम की क्यूरेटर भी हैं। आयोजकों के मुताबिक, यह पहल उन लोगों के लिए है जो अपने काम, परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी खुशियों और मानसिक शांति के लिए भी थोड़ा समय निकालना चाहते हैं।
आर्ट और माइंडफुलनेस से खुद को समझने का मिलेगा मौका
दो दिवसीय ‘जी ले जरा’ कार्यक्रम 15 और 16 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के लिए आर्ट एंड एक्सप्रेसिव एक्टिविटीज, माइंडफुलनेस एक्सपीरियंसेज, इंटरैक्टिव सेशन्स और विभिन्न क्रिएटिव इंगेजमेंट्स रखे जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता को तलाशने, भावनाओं को कला के जरिए व्यक्त करने और कुछ समय अपने साथ बिताने का अवसर मिलेगा।
मनोरंजन से आगे एक अर्थपूर्ण अनुभव देने का उद्देश्य
आयोजकों का कहना है कि ‘जी ले जरा’ का उद्देश्य केवल लोगों का मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी क्रिएटिविटी एक्सप्लोर करने, कुछ समय ठहरने और खुद के लिए अर्थपूर्ण समय निकालने की प्रेरणा देना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह कार्यक्रम लोगों के सामने एक अहम सवाल भी रखता है—“क्या हम खुद को जीने की थोड़ी-सी आज़ादी देते हैं?” आयोजकों के अनुसार, इसी सवाल के जवाब और खुद से दोबारा जुड़ने की कोशिश का नाम है—‘जी ले जरा’।
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